हिन्दी डेस्क।
ईरान इस समय गंभीर राजनीतिक और सामाजिक संकट के दौर से गुजर रहा है। बीते करीब 15 दिनों से देशभर में सरकार विरोधी प्रदर्शन लगातार जारी हैं। इन प्रदर्शनों की शुरुआत 28 दिसंबर को राजधानी तेहरान से हुई थी, जो अब देखते ही देखते पूरे देश में फैल चुके हैं।
ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, शुरुआत में ये प्रदर्शन आर्थिक बदहाली, महंगाई और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ थे, लेकिन अब ये व्यापक जन असंतोष का रूप ले चुके हैं। एजेंसी का दावा है कि विरोध प्रदर्शन ईरान के 186 शहरों और कस्बों तक पहुंच चुके हैं, जिससे सरकार की चिंता बढ़ गई है।
हिंसा पर अमेरिका की सख्त प्रतिक्रिया :-
सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाया है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान में हालात को लेकर कड़े विकल्पों पर विचार कर रहा है। उनके इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
अमेरिकी नागरिकों के लिए अलर्ट :-
बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिका ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर देश छोड़ने की सलाह दी है। जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। ईरान में चल रहे इन घटनाक्रमों पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके असर को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।
